केसीबी ड्रेन के टूटने से छुड़ानी में सैंकड़ो एकड़ फसल हुई जलमग्न, किसानों ने मांगा मुआवजा

  • धान और ज्वार की फसल पानी में डूबकर हुई खराब ,अभी अभी बनी मातन लिंक ड्रेन भी ओवरफलो
सिद्धार्थ राव, बहादुरगढ़। क्षेत्र के गांव छुड़ानी में केसीबी ड्रेन के टूटने से सैंकड़ो एकड़ में खड़ी धान और ज्वार की फसल डूब गई है।  हाल ही में बनी मातन लिंक ड्रेन जहां केसीबी में मिलती है वहीं से केसीबी ड्रेन टूट गई। जिसके चलते मातन लिंक ड्रेन और केसीबी ड्रेन का पानी गांव के खेतों में भर गया। कड़ी मशक्कत के बाद सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने ड्रेन के टूटे हुए मुहाने को ठीक तो कर दिया लेकिन खेतों में चार फुट से ज्यादा पानी खड़ा होने से धान की फसल पूरी तरह से खराब हो गई है। धान की पौध के उपर भी पानी ही पानी नजर आ रहा है। दरअसल छुड़ानी गांव की सीमा पर करीब 40 साल से खुली पड़ी मातन माईनर को इस बार खुदाई कर केसीबी में जोड़ दिया गया। लेकिन मातन लिंक माईनर का बैड लेवल केसीबी के बैड लेवल से काफी नीचे कर दिया गया जिसके कारण मातन लिंक ड्रेन का पानी केसीबी में डालने के लिए मोटरें लगानी पड़ गई। लेकिन पहली बारिस में ही मातन लिंक नहर में अत्यधिक मात्रा में पानी आ गया और मातन लिंक ड्रेन भी ओवरफ्लो हो गई। केसीबी ड्रेन में भी  पानी अधिक आने और किनारे कमजोर होेने के केसीबी ड्रेन टूट गई। पानी की मार से फसल बर्बादी का दंश झेल रहे किसान एक बार फिर से अपनी फसल की बर्बादी पर आंसू बहाने को मजबूर हो गए है। लापरवाही विभाग की और नुकसान भुगतने पर किसान मजबूर है। किसान अजीत, जगदीश , बेल सिंह, मोहन, विजय ,लाला और अनिल ने बताया कि केसीबी ड्रेन की कई वर्षाें से छटाई नही की गई और ना ही उसके किनारे मजबूत किए गए। अभी अभी बनी मातन लिंक ड्रेन के किनारे भी नही बांधे गए और केसीबी से मातन लिंक ड्रेन का लेवल नीचा कर दिया। किसानों ने सरकार से खराब हुई फसलों का मुआवजा देने की मांग की है। क्योंकि धान लगाने पर किसानों ने लाखों खर्च कर दिया और उसके बाद भी फसल सिंचाई विभाग की लापरवाही से बर्बाद हो गई है।
कई वर्षों से नही हुई केसीबी की छटाई और सफाई:-
केसीबी ड्रेन रोहतक के कुलताना से निकलकर छारा और बुपनिया से होते हुए दिल्ली की तरफ जाती है। बरसाती पानी की निकासी के लिए बनी ड्रेन का कुछ हिस्सा रोहतक सिंचाई विभाग के मातहत आता है तो कुछ हिस्सा झज्जर सिंचाई विभाग के मातहत आता है। रोहतक सिंचाई विभाग अपने हिस्से की सफाई और छटाई लगभग हर साल करवा देता है। लेकिन छुड़ानी गांव से शुरू होने वाले केसीबी के झज्जर सिंचाई विभाग वाले हिस्से की सफाई कई वर्षाें से धरातल में नही हुई है। जिसके कारण केसीबी में पानी का बहाव रूक जाता है और यही वजह रही कि आज केसीबी के टूटने से सैंकड़ो एकड़ फसल बर्बाद हो गई। केसीबी के किनारे भी कई सालों से मजबूत नही किए गए हैं जगह जगह पर किसानों ने अपनी सुविधानुसार केसीबी के किनारे भी काट रखे थे जिसके कारण केसीबी के किनारोें से भी इस बार पानी खेतों में घुसा है।

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