दिनांक १३ जुलाई २०२२ दिन रविवार को गुरु पूर्णिमा के शुभ अवसर मुजफ्फरपुर जिला अन्तर्गत सरैया, मोती चौक पर अखिल भारतीय वैश्य क्रांति मोर्चा के प्रदेश कार्यालय का उद्घाटन अखिल भारतीय वैश्य क्रांति मोर्चा के राष्ट्रीय संरक्षक डा० राजकुमार आजाद ने फीता काट कर किया । मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष राम बाबू साह अपने पदाधिकारियों सहित ने राष्ट्रीय संरक्षक डा० आजाद को पुष्पों की माला पहनाकर स्वागत किया तत्पश्चात कम्युनिटी हॉल में पूरे बिहार से आए हुए पदाधिकारियों के सभा की अध्यक्षता मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष राम बाबू साह ने किया। उद्घाटनकर्ता डा० आजाद ने सभी पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार में ब्राह्मण की आबादी मात्र एक फीसदी है, मुख्य मंत्री बनकर बैठा हुआ है, भूमिहार और राजपूत मात्र दो दो फीसदी होकर भी क‌ई बार मुख्यमंत्री बन चुका है , कुर्मी और कोयरी जिसकी आबादी मात्र छ: छ: फीसदी है, मुख्य मंत्री बन चुका है, ग्यारह फीसदी वाला यादव मुख्यमंत्री बन चुका है, सत्रह फीसदी वाला मुसलमान भी मुख्यमंत्री बन चुका है लेकिन वैश्य अकेले अट्ठाइस फीसदी होकर भी आज तक मुख्य मंत्री के सिंहासन से कोसों दूर है , आखिर क्यों ? इस का मुख्य कारण एक मात्र यही है कि वैश्य में राजनीतिक चेतना का घोर अभाव है ,जिस दिन वैश्य समाज में राजनीतिक चेतना जागृत हो जाएगी ,उसी दिन से बिहार के सिंहासन पर वैश्य मुख्य मंत्री के रूप में विराजमान होंगे । वैश्य समाज में राजनीतिक चेतना जगाने के लिए दिल्ली में ० २ अक्टूबर २०२२ को वैश्य राजनीतिक चेतना सम्मेलन आयोजित किया गया है, इसलिए सभी वैश्य समाज से आग्रह करता हूं कि आपलोग उपरोक्त तिथि और स्थान पर पहुंच कर सम्मेलन को सफल बनावे तथा अपना राजनीतिक चेतना जागृत करें । सनद रहे कि इस कार्यक्रम में वैश्य समाज के क‌ई केन्द्रीय मंत्री, सांसद आदि ने आने की स्वीकृति प्रदान किया है ।

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