धर्मेंद्र चौधरी महराजगंज समाचार निर्देश : पड़ोसी राष्ट्र नेपाल पहली बार सीमेंट की खेप जब भारत आनी शुरू हुई तो भारत-नेपाल के आयात-निर्यात व  व्यापार जगत में यह चर्चा शुरू हो गई कि ऐसा ऐतिहासिक व्यापारिक स्टंट कैसे हो गया कि नेपाल पहली बार सीमेंट के निर्यातक देशों की सूची में शामिल हो गया है। नेपाल में निर्मित सीमेंट अब भारत में आएंगे और भारतीय सीमेंट की तुलना में कम मूल्य पर बिक्री होंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक
नेपाल के पाल्पा जिले में स्थापित एक सीमेंट फैक्ट्री से भारत मे सीमेंट निर्यात शुरू हो गया। इसकी कुछ फैक्ट्रियां नवलपरासी जिले में भी हैं। बीते 8 जुलाई को 1900 बोरी सीमेंट सोनौली बॉर्डर से कस्टम व टैक्स प्रकिया से होते हुए सोनौली बॉर्डर से भारत में आए। नेपाल निर्मित सीमेंट का दाम भारत में निर्मित सीमेंट से काफी कम होने के कारण इसकी खपत अधिक हो रही है। सीमेंट का दाम नेपाल में 312 रुपया प्रति बोरी है। भारत में सीमेंट लाने के लिए प्रति बोरी 48 रुपया कस्टम ड्यूटी लगता है। इस तरह भारत में आने के बाद सीमेंट की कीमत 360 रुपया प्रति बोरी पड़ रही है। जबकि भारत में निर्मित कंपनियों के सीमेंट की लागत गोरखपुर मंडल में नेपाली सीमेंट के मूल्य की तुलना में महंगे हैं। यह कवायद शुरू होने के बाद भारतीय सीमेंट महंगा होने के कारण तमाम दुकानदारों ने नेपाल का रुख किया है। जिससे भारतीय सीमेंट कंपनियों के मालिक चिंता में आ गए हैं। चर्चा यह है कि जो सीमेंट की खेप नेपाल से भारत आए हैं वह सीएम योगी के शहर के गोरखपुर एक व्यापारी ने मंगाए हैं। चर्चा यह भी है नेपाल के सीमेंट फैक्ट्री मालिक से मित्रवत या रिश्तेदार तरह के संबंध के कारण सीमेंट भारत मंगाए गए हैं। लेकिन सवाल यह भी उठ रहे हैं भारत में सीमेंट उत्पादन के विस्तृत बाजार के बावजूद अचानक नेपाल से सीमेंट भारत आयात हुए? यह भी नेपाल में चीन की कंपनियों का सीमेंट उद्योग में बोलबाला है। ऐसे में भारतीय सीमेंट बाजार में नेपाल की तरफ से सेंधमारी महज छोटी बात  है या बड़ा खेल?

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