समाचार निर्देश ब्यूरो एस डी सेठी – केंद्र सरकार ने गेहूं खरीद सीजन को 31 मई 2022 तक बढा दिया है। यह जानकारी पियूष गोयल ने ट्वीट कर दी। उन्होंने कारण में किसानों को असुविधा मुक्त और  कृषि समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध बताया। इसके पहले मंहगाई के दबाव में गेहूं निर्यात पर तत्काव प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया गया है। हालांकि निर्यात प्रतिबंध की अधिसूचना से पहले जिन निर्यातकों ने अनुबंध कर लिया है। उन्हें गेहूं विदेश भेजने की अनुमति दी गई। वैश्विक बाजार का मूड भांपकर भारत ने गेहूँ निर्यात से हाथ खींचा है। ज्ञात हो कि पिछले कुछ दिनों में आटे के मूल्य में 30 से 40 प्रतिशत तक  की वृदि को देखते हुए जिंस बाजार में गेहूं और उससे बने उत्पादों के मूल्य में तेजी का रूख होने लगा था। इस पर काबू पाना जरूरी था। वहीं अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय गेहूं के स्टाकिस्टों और सटोरियों के सक्रिय होने होने आकांशा भी बड गयी थी। गेहूं निर्यात को लेकर सरकार की तीन प्रमुख प्राथमिकताएं हैं। इनमें सबसे पहले पडोसी देशों की खाध सुरक्षा ध्यान रखा जाये। दूसरा उन गरीब देशों को गेहूं की आपूर्ति की जाएगी। तीसरे जिनकी सरकारें गेहूं के लिए आग्रह करेगी ऐसे देशों को भी गेहूं का निर्यात किया जायेगा। जिनकी खाध सुरक्षा खतरे में होगी। 

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