हरियाणा/चंडीगढ़ वासु के मेहता : चंडीगढ़ में साइबर फ्रॉड के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। अपराधी फर्जी आईडी बना कर भी लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। अब शहर के डीजीपी प्रवीर रंजन के नाम से फर्जी सोशल मीडिया आईडी बनाने का एक मामला सामने आया है। डीजीपी ने आम लोगों से अपने ट्वीटर हैंडल पर प्रार्थना की कि इस धोखेबाज की रिपोर्ट करवाएं जो उनके नाम और डीपी का एमेजॉन गिफ्ट कार्ड के नाम पर इस्तेमाल कर रहा है। डीजीपी के इस ट्वीट पर कुछ ही मिनटों में कई ट्वीटर यूजर्स ने डीजीपी को कई रिप्लाई कर डाले। पेशे से इंजीनियर प्रतीक मांझी ने ट्वीट किया कि सर आप खुद डीजीपी हैं। आप खुद आसानी से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर सकते हैं। पब्लिक डोमेन में रिपोर्ट करवाने की बात क्यों कह रहे हैं।पुलिस अपनी मदद नहीं कर सकती तो लोग कैसे विश्वास करें

पुनीत नागर ने कहा है कि आप अभी तक उसे पकड़ क्यों नहीं पाए। अगर पुलिस खुद अपनी मदद नहीं कर सकती तो लोग पुलिस पर कैसे विश्वास करेंगे। अंकिता पासी ने कहा है कि क्यों चंडीगढ़ साइबर सैल ऑपरेटर्स से व्यक्ति की कॉल डिटेल्स, लोकेश लेकर उसे पकड़ नहीं सकती। आरटीआई एक्टिविस्ट आरके गर्ग ने कहा है कि साइबर सैल के पास काफी आधुनिक तकनीक है, जिससे वह इस केस को सुलझा सकते हैं।

  • सचिन कोहली ने डीजीपी के ट्वीट पर यह रिप्लाई किया।
  • सचिन कोहली ने डीजीपी के ट्वीट पर यह रिप्लाई किया।
  • खुद पर आई तो बड़ी जल्दी ट्वीट कर दिया:

सचिन कोहली नामक व्यक्ति ने कहा है सर, खुद पर बात आईं तो बड़ी जल्दी आपने पब्लिकली ट्वीट कर दिया जबकि हम कितनी दिनों से आपसे गुहार लगा रहें है क्या आपने एक बार भी हमें सुनने – समझने की कोशिश की? नहीं, बिल्कुल नही। नरिंदर शर्मा ने कहा है कि मजबूत सिस्टम के बावजूद पुलिस ही आम लोगों की मदद मांगे, यह काफी हैरानी करने वाला है। चंदन नामक व्यक्ति ने ट्वीट किया है कि आप डीजीपी हैं। आप शिकायत दें और पुलिस नंबर सर्विलांस पर लगा देगी, लोकेशन ट्रैक कर आरोपी को पकड़ लेगी। दुर्भाग्य से ट्वीटर आपके जैसे रैंक के व्यक्ति द्वारा ऐसी पब्लिक अपील करने का सही प्लेटफार्म नहीं है। जगतार काहलों नामक व्यक्ति ने डीजीपी को कहा है कि उनके नाम से हमारे साथ कोई धोखाधड़ी नहीं हुई। हालांकि जब वह ऐसी कोई शिकायत लेकर साइबर सैल के पास जाते हैं तो वह कहते हैं कि जब धोखाधड़ी हो जाए तो शिकायत दर्ज करेंगे।

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