• कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन शोषण व उत्पीडऩ को रोकने के लिए किया गया समिति का गठन
  • जिला प्रशासन द्वारा गठित पांच सदस्यीय कमेटी में जिला कार्यक्रम अधिकारी को बनाया सदस्य सचिव
  • बहन-बेटियों की सुरक्षा ही प्राथमिक, हर प्रकार के अन्याय के खिलाफ करेंगे आवाज बुलंद: डा. ज्योति जुनेजा
  • संस्था के प्रधान डा. ओपी परूथी व प्राचार्या डा. रेनू भाटिया सहित समस्त स्टाफ ने दी बधाइयां

समाचार निर्देश उमेश कुमार सोनीपत – कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन शोषण को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने जिला स्तर पर स्थानीय शिकायत समिति का गठन करते हुए जीवीएम गल्र्ज कालेज की पूर्व प्राचार्या डा. ज्योति जनुेजा को समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया है। नई एवं महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने पर जीवीएम संस्था के प्रधान डा. ओपी परूथी व प्राचार्या डा. रेनू भाटिया सहित समस्त स्टाफ ने हर्ष के साथ डा. ज्योति जुनेजा को बधाई देते हुए कहा कि उनके हाथों में बहन-बेटियां सुरक्षित रही हैं और सुरक्षित रहेंगी। जीवीएम की प्राचार्या डा. रेनू भाटिया ने बताया कि हरियाणा सरकार के मुख्य सचिव के आदेशानुसार महिलाओंं के प्रति कार्यस्थल पर यौन शोषण व उत्पीडऩ को रोकने के लिए जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर जिला स्तरीय स्थानीय शिकायत समितियों का गठन किया। सरकार की हिदायतानुसार अब जिला प्रशासन ने पूर्व की समितियों को भंग करते हुए जिला स्तर पर नई स्थानीय शिकायत समिति का पूनर्गठन किया है, जिसकी कमान डा. ज्योति जुनेजा को सौंपी गई है। उनके समेत समिति में कुल पांच सदस्य शामिल किये गये हैं। समिति की सदस्य सचिव के रूप में महिला एवं बाल विकास विभाग सोनीपत की जिला कार्यक्रम अधिकारी को नियुक्त किया गया है। इनके अलावा समिति के सदस्यों के रूप में जिला रैडक्रॉस सोसायटी के सेवानिवृत्त सचिव सुभाष वशिष्ठï तथा सीडीपीओ ग्रामीण-1 गीता रानी और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अधिवक्ता पूनम खोखर को शामिल किया गया है। सेवानिवृत्त प्राचार्या डा. ज्योति जुनेजा ने यह संवेदनशील जिम्मेदारी उन्हें सौंपने के लिए जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ने उन पर जो विश्वास जताया है उस पर वे ईमानदारी से खरा उतरने का प्रयास करेंगी। किसी भी सूरत में बहन-बेटियों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने बहन-बेटियों को भी प्रोत्साहित किया कि वे हर प्रकार के अन्याय के खिलाफ आवाज उठायें। न डरें न सहें। स्वयं जागरूक बनें और अपनी साथियों को भी जागृत करें कि उनकी आवाज सुनने के लिए शिकायत समिति मौजूद है। डा. ज्योति जुनेजा ने कहा कि स्थानीय शिकायत समिति 24 घंटे के लिए बहन-बेटियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए उपलब्ध रहेगी। उन्होंने कहा कि उत्पीडऩ के विरूद्घ आवाज जरूर उठायें। पीडि़ताओं को न्याय दिलाने के लिए ही यह समिति गठित की गई है। किसी भी विभाग अथवा स्कूल-कालेज में कार्यरत बहन-बेटियां समिति के समक्ष खुलकर अपनी शिकायत रख सकती हैं, जिस पर तुरंत कार्यवाही की जाएगी। जीवीएम संस्था के प्रधान डा. ओपी परूथी व प्राचार्या डा. रेनू भाटिया ने कहा कि जिला प्रशासन ने बिल्कुल सही चयन किया है। डा. ज्योति जुनेजा बेहद गंभीर, संवेदनशील, सुलझी हुई महिला हैं जो हमेशा से बेटियों के लिए सुरक्षित कार्यस्थल व वातावरण की वकालत करती आई हैं। कालेज की प्राचार्या रहते हुए भी उन्होंने कालेज स्तर पर इस प्रकार की कमेटी का गठन किया। प्राध्यापिका भूमिका शर्मा व रूचिका विरमानी तथा तारिका सेठी ने एक स्वर में कहा कि डा. ज्योति जुनेजा के नेतृत्व में उन्हें कभी भी कहीं भी असुरक्षा की भावना का सामना नहीं करना पड़ा। कालेज की छात्रा प्रतिभा आंतिल व नेहा शर्मा का कहना था कि डा. ज्योति जुनेजा ने बेटियों की सुरक्षा को सदैव प्राथमिकता दी है।

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