समाचार निर्देश एस डी सेठी – दिल्ली सरकार ने राजधानी में जल संकट से पार पाने के लिए यमुना वर्षा जल स्टोर  करने को लेकर करोडों फूंकने के बाद दिल्ली के तिगी पुर गांव के यमुना घाट पर बनाये पायलट प्रोजेक्ट को अब तक चालू नहीं किया गया है। जबकि दो दिन की बरसात में यमुना का जलस्तर काफी बढ भी गया और बह भी गया। वैसे केजरीवाल सरकार हरियाणा पर पानी न देने को लेकर कोर्ट तक चली गयी है। दूसरी तरफ पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश  के साथ दिल्ली मे भी जोरदार हो रही बरसात का पानी यमुना में काफी मात्रा में आ गया है। इसी तरह बरसात जारी रही तो यमुना का जलस्तर खतरे के निशान को भी टाप जायेगा।

सूखी यमुना अब लबालब चल रही है। मगर ताजुब है कि दिल्ली सरकार ने यमुना जल को स्टोर करने की गर्ज से बनाये पायलट प्रोजेक्ट प्लांट को अब तक नहीं खोला है। सरकारी तौर पर हो रही इस लापरवाही से लाखों गैलन वर्षा जल यमुना में आने के बावजूद यूपी की और बह गया है। जबकि सैंट्रल दिल्ली में वजीराबाद, और चंद्रावल वाटर वर्क्स से ही पानी सप्लाई किया जाता हैं। वहां दो से तीन दिन में एक बार पानी दिया जा रहा है। क्षेत्रिय लोगों द्वारा पानी न मिलने की शिकायत पर वजीराबाद और चंद्रावल वाटर वर्कस में सूखे का रोना बताकर दिल्ली जल बोर्ड के इंजीनियर्स मैसेज द्वारा ग्राहकों से अपनी  जिम्मेदारी से पल्ला झाड  रहे है। वहीं खतरनाक यमुना के मद्देनजर पुलिस सुरक्षा के प्रबंध जरूर कर दिये है।

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