• हरमीत सिंह कालका व जगदीप सिंह काहलों ने थमिंदर सिंह तथा ओंकार सिंह की तरह ही जत्थेदार अवतार सिंह हित व कुलमोहन सिंह द्वारा गुरबाणी के निरदार करने का मामला किया बेनकाब
  • जत्थेदार हित व कुलमोहन सिंह ने तेलुगु व अंग्रेजी के अनुवादक डॉ. वेमराज भानू मूर्ति से गुरबाणी का गलत अनुवाद करवाकर बुकलेट बांटी: कालका


नई दिल्ली :
जिस प्रकार अमरीकी निवासी थमिंदर सिंह आनंद व कैनेडा के निवासी ओंकार सिंह द्वारा पंथ विरोधी ताकतों का मोहरा बन कर गुरु ग्रंथ साहिब जी की बाणी में सैंकड़ों त्रुटियां तथा बदलाव किये गए ठीक उसी प्रकार दिल्ली कमेटी का अध्यक्ष रहते हुए जत्थेदार अवतार सिंह हित व महासचिव कुलमोहन सिंह ने तेलुगु व अंग्रेजी के अनुवादक डॉ. वेमराजू भानू मूर्ति से गुरु ग्रंथ साहिब का गलत अनुवाद करवाकर सैंकड़ों गलतियों वाले बुकलेट छपवा कर संगत को बांटे गये। यह कहना है दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष स. हरमीत सिंह कालका तथा कमेटी के महासचिव स. जगदीप सिंह काहलों का।यहां जारी संयुक्त बयान में हरमीत सिंह कालका व काहलों ने बताया कि जब उन्होंने पिछली बार अमृतसर प्रेस कान्फ्रेंस की थी तो उस समय एक पत्रकार ने भानू मूर्ति के संबंध में सवाल पूछा था जिसकी जानकारी उन्हें उस समय नहीं थी पर दिल्ली लौट कर जब उन्होंने पूरे मामले की जांच करवाई तो कई आश्चर्यजनक खुलासे सामने आए।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2002 में दिल्ली कमेटी का अध्यक्ष रहते हुए जत्थेदार हित व महासचिव कुलमोहन सिंह ने तेलुगु तथा अंग्रेजी के साहित्यकार तथा अनुवादक डॉ. वेमुराजू भानू मूर्ति को श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का 17 भाषाओं में अनुवाद करने की जिम्मेवारी सौंपी थी। यह जिम्मेवारी सौंपते हुए इन नेताओं ने यह चैक नहीं किया कि डॉ. भानू मूर्ति को ना पंजाबी आती है और ना ही गुरमति सिद्धांतों व सिख मर्यादा की जानकारी है। इस गंभीर मामले पर उन्होंने जत्थेदार अकाल तख्त साहिब व शिरोमणि कमेटी से विचार विमर्श करने की जरूरत भी नहीं समझी। उस समय जत्थेदार हित व कुलमोहन सिंह ने जपुजी साहिब के किये अनुवाद के 17000 बुकलेट छपवा कर संगत में बांटे जिसमें से 1000 बुकलेट हर भाषा का था। इन बुकलेट को प्रकाशित करने के समय डॉ. मूर्ति ने गुरबाणी में कई अशुद्धियां कर दीं तथा अनेक मात्राओं को बदल दिया।
उन्होंने कहा कि इससे भी बड़ी हृदय विदाकर बात यह है कि यह कोताही करने के बाद जत्थेदार हित व स. कुलमोहन सिंह ने डा. मूर्ति को पंथ के महान अनुवादक भाई साहिब भाई सिंह जी अवार्ड से सम्मानित किया।
उन्होंने कहा कि 20 वर्ष पूर्व हुई यह कोताही तथा निरादर ही आज अमेरिकी निवासी थमिंदर सिंह आनंद तथा कैनेडा के निवासी ओंकार सिंह द्वारा किये गये निरादर का सबब बना है।
उन्होंने बताया कि नौजवान खालसा फुलवाड़ी नाम की धार्मिक जत्थेबंदी जिसका कार्यालय एफ87, पटेल नगर नई दिल्ली में है ने 5 जनवरी 2005 को इसकी शिकायत तत्कालीन जत्थेदार अकाल तख्त साहिब को की थी पर इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस जत्थेबंदी ने पुनः 7 मार्च 2005 को जत्थेदार अकाल तख्त साहिब को पत्र भेजकर स्मर्ण दिलाया पर फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
स. कालका व स. काहलों ने बताया कि आज दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने जत्थेदार अकाल तख्त साहिब ज्ञानी हरप्रीत सिंह जी को सबूत व सी.डी सहित इसकी शिकायत की है और अनुरोध किया है कि थमिंदर सिंह आनंद व ओंकार सिंह की तरह ही इस मामले में पंथक परंपरा तथा सिद्धांतों के अनुसार पंथक जत्थेबंदियों के साथ विचार-विमर्श कर जत्थेदार अवतार सिंह हित तथा कुलमोहन सिंह के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि दिल्ली कमेटी की मौजूदा टीम हर प्रकार का सहयोग इस मामले में देने के लिए तैयार है।
पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब में स. कालका व स. काहलों ने बताया कि सिंह साहिब ज्ञान हरप्रीत सिंह ने कहा है कि जो भाई साहिब सिंह जी अवार्ड डॉ. भानू प्रताप को दिया था वह तुरंत वापिस लिया जाए। स. कालका व स. काहलों ने दोहराया कि हमारे लिए श्री अकाल तख्त साहिब सर्वोपरि हैं हमें जो आदेश श्री अकाल तख्त साहिब से होगा, हम उसका पालन करेंगे।
उन्होंने आज सिंह साहिब की हिदायतों पर पंथक एकजुटता को बुलाने की सभी को बधाई दी और आशा व्यक्त करते हुए कहा कि बंदी सिंहों की रिहाई सहित अन्य पंथक मसलों पर इकट्ठे होकर आवाज़ बुलंद की जाएगी।
इस प्रेस कान्फ्रेंस में स. कालका व स. काहलों ने सी.डी चला कर दिखाई जिसमें डॉ. भानू प्रताप द्वारा गुरबाणी की तुकों के साथ की गई छेड़छाड़ के सबूत थे। इसके अलावा उन्होंने अलग-अलग भाषाओं में जपुजी साहिब के किये अनुवाद की कॉपियां भी मीडिया के समक्ष रखीं।

उन्होंने यह भी बताया कि हमनें सिंह साहिब ज्ञानी हरप्रीत सिंह को अपील कर कहा है कि जब तक जत्थेदार अवतार सिंह हित के मामले का कोई निर्णय नहीं हो जाता, तब तक जत्थेदार हित को पटना साहिब कमेटी की अध्यक्षता से हटाया जाए तथा किसी भी पंथक एकजुटता में शामिल न होने दिया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जत्थेदार हित इकलौते ऐसे आदमी हैं जो बार-बार अकाल तख्त साहिब पर तलब किये गये हैं। उन्होंने बार-बार जत्थेदार हित को पद देकरर सम्मानित करने पर स. सुखबीर सिंह बादल पर भी सवाल उठाए।
इस मौके पर प्रेस कान्फ्रेंस में शिरोमणि अकाली दल दिल्ली स्टेट के अध्यक्ष स. एम.पी.एस चड्ढा, दिल्ली कमेटी के उपाध्यक्ष आत्मा सिंह लुबाणा, कमेटी सदस्य विक्रम सिंह रोहिणी, सरवजीत सिंह विरक, सुखबीर सिंह कालड़ा, जसबीर सिंह जस्सी, मोहिंद्रपाल सिंह चड्ढा, सुरजीत सिंह जीती, गुरदेव सिंह, भुपिंदर सिंह गिन्नी, सतिंद्रपाल सिंह नागी, हरजीत सिंह पप्पा, गुरमीत सिंह भाटिया, जसमेन सिंह नोनी तथा अन्य गणमान्य शख्सीयतें मौजूद रहीं।

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