समाचार निर्देश एस डी सेठी – महाराष्ट्र में आज स्थितियां भले ही कुछ हों, कल क्या होगा? कोई नहीं कह सकता। इस बाबत विशेषज्ञों की अपनी राय है। इनका देश की सियासत और संविधान के अपने अनुभव के आधार पर ऊंट किसी भी करवट बैठ सकता है। दांवों – प्रतिदावों के बीच पनपते हालातों पर आगे बढ़ते हुए सत्ता की कुर्सी का मुआयना करते हैं।

नंबर( 1) . संविधान विशेषज्ञ और लोकसभा के पूर्व महासचिव सुभाष कश्यप कहते हैं। शिवसेना के अधिकांश सदस्य यदि बागी एकनाथ शिंदे के साथ हैं तो शिवसेना मुख्यमंत्री के पद पर बैठे व्यक्ति को बदल सकती है। ऐसे में सत्ता में शिव सेना बनी रह सकती है।

नंबर (2) .वहीं सुभाष कश्यप के मुताबिक बागी एकनाथ शिंदे नया दल बनाकर सदन में बहुमत सिद्ध कर सत्तासीन हो सकते हैं। वह भाजपा समेत किसी भी दल से समर्थन ले सकते हैं।

तीसरे आप्शन में समर्थकों संग भाजपा में शामिल हो सकते हैं। और भाजपा सदन में बहुमत साबित कर कुर्सी पर काबिज हो सकती है। शिंदे बाहर से समर्थन दे सकते हैं।. उधर मध्य प्रदेश विस के पूर्व सचिव भगवान देव इसरानी के मुताबिक इस पूरे घटनाक्रम में अगला पासा एकनाथ शिंदे को ही फेंकना होगा। चाहे वह खुद सरकार बनाने का हो या फिर किसी अन्य दल को समर्थन देने का। इसके बाद राज्यपाल की भूमिका सामने आएगी।

(4) सुप्रीम कोर्ट के सीनियर अधिवक्ता गोपाल शंकर नारायण कहते हैं कि अभी तक तो यह पार्टी के अंदर का मामला है। चाहे उद्धव ठाकरे हो या बागी विधायक एकनाथ शिंदे दोनों को ही अभी पार्टी के भीतर अपना वर्चस्व साबित कर अगला कदम उठाना होगा। उसके बाद ही राज्यपाल की भूमिका आएगी। वर्तमान प्रसंग में राज्यपाल के विधानसभा भंग करने की संभावना न के बराबर है। वह राजनीतिक दलों से बहुमत साबित करने के लिए कह सकते हैं।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published.