हरियाणा/चंडीगढ़ वासु के मेहता –   पूरे विश्व में भारतीय संस्कृति एक सम्पन्न व समृद्ध संस्कृति के रूप में जाना जाता है। इसलिए संस्कृति का प्रचार-प्रसार करने व बढ़ावा देने के लिए कार्य किया जाना चाहिए। इस कार्य में विदेश सेवा में कार्यरत अधिकारियों व कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। यह बात हरियाणा के राज्यपाल श्री बंडारु दत्तात्रेय ने आज राजभवन में उनसे शिष्टाचार भेंट करने आए 2021 बैच के भारतीय विदेश सेवा के अधिकारियों से ‘इन्ट्रेक्सन सेशन‘ के दौरान कही। इन अधिकारियों में पंचकूला के आयुष गुप्ता और गुरूग्राम की रिया राठी थी।राज्यपाल श्री दत्तात्रेय ने कहा कि उन्हें जिस भी देश में सेवा का मौका मिले वहां भारतीय संस्कृति को प्रोमोट करें साथ वहां की सभ्यता, संस्कृति, शिक्षा और नई प्रोद्यौगिकी को समझें और विभिन्न देशों में रह रहे भारतीयों को भी रूबरू करवाएं। इससे भारतीय विदेश नीति और सफल होगी। इसके साथ शिक्षा से जुड़ी नई तकनीकों को विदेश विश्वविद्यालयों के माध्यम से भारतीय विश्वविद्यालयों तक पहुंचाए। इससे हमारे विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राएं भी विश्व स्तरीय शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी ले पाएगें।उन्होंने कहा कि वे भारतीय व विदेशी प्रशासनिक व्यवस्था को नजदीक से देखे और यहां के लागों से भी मिले ताकि यह पता चले कि विदेशों में हमारे लोगो का किस प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इससे उन्हें इन समस्याओं को दूर करने में मदद मिलेगी।उन्होंने कहा कि विदेशों में रह रहे हर भारतीय की मदद के लिए कार्य करें और जो भी व्यक्ति सहायता के लिए उनसे पहुंच बनाए उन्हें किसी विलम्भ के मदद दी जाए। उन्होंने कहा कि मानवीय मूल्य भारतीय संस्कृति की धरोहर हैं। मानवीय और नैतिक मूल्यों को ध्यान में रखते हुए हर जरूरतमंद व्यक्ति की मदद के लिए कार्य करेगें तो विश्व स्तर पर देश की प्रतिष्ठा और बढ़ेगी और इस प्रकार संस्कृति भी प्रोमोट होगी। हमारी संस्कृति की झलक अच्छे व्यवहार व बोलचाल से झलकती है। एक-दूसरे के प्रति प्रेम की भावना बढ़ती हैश्री दत्तात्रेय ने भारतीय विदेश सेवा के अधिकारियों के साथ अपने एक दर्जन से भी अधिक देशों की यात्रा के अनुभव साझां किया। उन्होंने दोनो अधिकारियों को सम्मानित किया और उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। दोनों अधिकारियों का प्रशिक्षण के बाद यह हरियाणा में तीन दिन का ‘इन्ट्रैक्सन सेशन‘ कार्यक्रम था। आज उसी के तहत राजभवन में राज्यपाल श्री दत्तात्रये से मुलाकात की। दोनों अधिकारियों ने माना कि राज्यपाल महोदय से बातचीत में बहुत कुछ सीखने और जानने का मौका मिला। निश्चित रूप से यह उनके सेवाकाल और सार्वजनिक जीवन में काम आएगा और व आगे बढ़ेगें।

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