समाचार निर्देश त्रिपालसिह चम्पावत पाली – वर्षाकाल में विभिन्न उपायों से जल संचय व संरक्षण से जल संवर्धन कर पेयजल संकट का समाधान संभव है। ये विचार महामंत्री देवराज शर्मा ने डॉ रामलाल मोहबारशा की प्रेरणा से नवरतन मल गुप्ता की अध्यक्षता में करणसिंह की चाली स्थित वरिष्ठ नागरिक सभागार में वर्षा जल संरक्षण पर आयोजित संगोष्ठी में व्यक्त किए। कोषाध्यक्ष बद्रीलाल चैचाणी, प्रवक्ता भंवरलाल मेवाड़ा, नरपतसिंह कुम्पावत, दिलीप सिंह चौधरी, सुआलाल पेडिवाल, घनश्याम भटनागर,मदन गहलोत, घीसालाल अणक्या व चैन सिंह गहलोत ने वर्षाजल को पारम्परिक जलस्रोतों व छतों का पानी नलकूपों में डालकर भू-जल को रिचार्ज करने  का सुझाव दिया। किशन लाल झाला, माणक चंद तंवर, जग्गा राम चौधरी, भगवान सहाय ओझा, गोपी किशन माहेश्वरी, सुरेश जालोरा व बाबूलाल अग्रवाल ने कहा कि वर्षाकाल में व्यर्थ बह कर जाने वाले पानी को समय रहते धोरा पाली, खड़ीन, एनीकेट, तालाब,व बांधों के द्वारा भी सिंचाई के साथ भूजल स्तर के सुधार हेतु उपयोग किया जा सकता है। महामंत्री देवराज शर्मा के नेतृत्व में उपस्थित सदस्यों ने जल संवर्धन व जल संरक्षण हेतु सक्रिय भागीदारी निभाने हेतु संकल्प लिया।

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