समाचार निर्देश, कुलदीप कुमार अमृतसर पंजाब – पंजाब के संगरूर में उपचुनावों में उम्मीदवार बनने के बाद बलवंत सिंह राजोआणा की बहन कमलदीप कौर राजोआणा रविवार गोल्डन टेंपल पहुंचीं । उन्होंने गोल्डन टेंपल में माथा टेका और जीत के लिए अरदास की । इस दौरान उन्होंने अपने भाई के साथ अन्य बंदी सिखों की रिहाई का मुद्दा उठाया ।गौरतलब है कि कमलदीप कौर को अकाली दल ने संगरूर उपचुनावों के लिए मैदान में उतारा है । पंजाब विधानसभा चुनावों में बुरी तरह हार का मुंह देखने वाली अकाली दल ने लोकसभा उपचुनाव में पूर्व सीएम बेअंत सिंह की हत्या के दोषी जेल में बंद बलवंत सिंह राजोआणा के नाम का इस्तेमाल करने की कोशिश की है । कमलदीप कौर ने कहा कि 6 जून 1984 को गोल्डन टेंपल में हुई घटना को कोई सिख भुला नहीं सकता । उन्होंने कहा कि वह गोल्डन टेंपल में राजनीतिक मकसद से नहीं , बल्कि 1984 में शहीद हुए सिखों की आत्मिक शांति की अरदास करने के लिए पहुंची हैं ।कमलदीप कौर राजोआणा ने इस दौरान बंदी सिखों को रिहा करने की मांग भी उठाई । उन्होंने कहा कि जेलों में सिख बंद हैं , जो सजा पूरी कर चुके हैं । अब सभी सिख संगठन इकट्ठे हुए हैं और सभी अंतिम सांस तक बंदी सिखों को रिहा करवाने के लिए आवाज उठाते रहेंगे । उनके साथ इस दौरान अकाली दल के सीनियर नेता विरसा सिंह वल्टोहा भी थे ।

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