हरियाणा/चंडीगढ़ वासु के मेहता – प्राथमिक शिक्षक संघ ने आखिरकार शिक्षा के भट्ठा बिठाने के लिए मनमानी शिक्षा नीतियां लागू करने के आरोपों को ले भरी दुपहरी में 41 डिग्री तापमान में सड़को पर उतर आंदोलन की हुंकार भरते हुए शिक्षा को प्रयोगशाला बनाने से बाज आने की चेतावनी दी है। प्राथमिक शिक्षक संघ ने राज्य प्रधान जगजीत सिंह और महासचिव तरुण सुहाग की अगुवाई में आज मुख्यमंत्री आवास के घेराव करने को कूच किया।   

सरकार व विभाग की प्राथमिक शिक्षा के प्रति लगातार की जा रही अनदेखी को देखकर आखिरकार प्रदेश के प्राथमिक शिक्षकों का धैर्य जवाब दे गया और उन्होंने मुख्यमंत्री आवास घेराव के लिए कूच कर दिया।   

  राज्य प्रधान सरदार जगजीत सिंह महासचिव तरुण सुहाग कोषाध्यक्ष सतीश शर्मा ने आरोप लगाया कि विभाग व सरकार तानाशाही पर उतर चुके हैं वह आमजन की सरकारी शिक्षा प्रणाली को निजी हाथों में देने के लिए इसे तबाह करने पर तुले हैं 26 अप्रैल से प्रदेश के सभी जिलों पर लगातार स्कूल समय के बाद धरने देकर सरकार को ज्ञापन दिए जा रहे हैं।       

आरोप लगाया की प्रदेशभर के सभी विधायकों सांसदों मंत्रियों को ज्ञापन दिए जा चुके हैं। परंतु शर्म की बात है कि शिक्षा मंत्री मीडिया में बयान दे रहे हैं कि उन्हें प्राथमिक स्कूलों में बच्चों की समस्याओं का पता ही नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग ने एक सोची समझी साजिश के तहत ऐसी चाल चली है कि बच्चों के दाखिले सरकारी स्कूल में ना हो पाए फैमिली आईडी परिवार पहचान पत्र की शर्त लगाकर बच्चों को दाखिले से वंचित कर रखा है, जबकि संसद के बनाए शिक्षा का अधिकार कानून के तहत किसी भी बच्चे को दाखिले से वंचित नहीं किया जा सकता।           

इससे न केवल प्रवासी अपितु हरियाणा के मूल निवासी भी प्रभावित हो रहे हैं सरकार प्रवेश उत्सव 10k आयोजन मात्र पर करोड़ों रुपए खर्च दावे बड़े-बड़े किए जा रहे हैं। परंतु स्कूलों में 2 सालों से किताबें मुहैया करवाने की बात आती है 2018 से पेंडिंग बच्चों के इंसेंटिव राशि देने की मीटिंग के लिए बजट बनाने की बढ़ाने की बात आती है तो सरकार व विभाग के अधिकारियों को सांप सूंघ जाता है आज प्रदेश में सैकड़ों शिक्षक बिना किसी शिक्षक के स्कूल चल रहे हैं।       

वहीं हजारों स्कूल इकलौते अध्यापक के भरोसे चल रहे हैं परंतु विभाग की आईटी सेल की कमियों के चलते 2016 के बाद अब तक पदों का बंटवारा वह तबादला नहीं हो सका है और माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा किए गए नए प्रयोग ऑनलाइन तबादला नीति का जमकर मजाक उड़ाया जा रहा है 2 साल से शिक्षक एसीपी की राह देख रहे हैं पिछले 5 साल से एलटीसी की भी कोई सुनवाई नहीं हो रही आज प्रदेश के अनेक स्कूलों में  मुख्य शिक्षक का पद स्वीकृत होने के बाद भी खाली पड़े हैं वही हजारों योग्य शिक्षक ,मुख्य शिक्षक टीजीटी पद पर पदोन्नति की बाट जोह रहे हैं । इन सब मांगों को लेकर निदेशक व मंत्री स्तर स्तर तक सहमति तो बनी परंतु कोई कार्यवाही नहीं हुई विभाग सरकारी मॉडल स्कूलों में फीस लेने व प्राइवेट स्कूलों को फीस देने के आदेश जारी कर सीधे-सीधे प्राइवेट स्कूलों को बढ़ावा दे रहा है स्कूलों में केवल भाषा के आधार पर सुविधाओं का बंटवारा कर रहा है एक स्कूल में केवल इंग्लिश मीडियम के नाम पर देश के उन्नत तकनीकी युक्त डिजिटल बोर्ड वहीं आ करवा रहा है वही हिंदी माध्यम के सामान्य स्कूलों में बच्चे साधारण बेंचो यहां तक कि पानी व शौचालय की विश्व व्यवस्था नहीं होने के कारण तरस रहे हैं असल में सरकार अपनी नैतिक व संवैधानिक जिम्मेदारियों से भाग कर रही है 26 अप्रैल से लगातार धर्मों के बाद भी विभाग में सरकार कोई ध्यान नहीं दे रहे प्राथमिक स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की इन समस्याओं को लेकर आज अपने तय कार्यक्रम के तहत पूरे प्रदेश से हजारों प्राथमिक शिक्षक शिक्षा सदन पर एकत्र होकर विभाग में सरकार के खिलाफ जबरदस्त नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री हरियाणा के आवास के घेराव के लिए पूजा हरियाणा पुलिस द्वारा बैरिकेड लगाकर सेक्टर 7 चंडीगढ़ बॉर्डर पर रोक लिया गया जिस पर शिक्षक आक्रोशित हो गए जगजीत सिंह जी के नेतृत्व में बातचीत के लिए प्रतिनिधिमंडल सीएम आवास पर बुलाया गया जहां मुख्यमंत्री के ओएसडी भूपेश्वर दयाल जी ने बातचीत की व 2 दिन में मुख्यमंत्री जी के प्रधान सचिव से बातचीत करवाने के लिए समय दिया व मुख्यमंत्री जी से बातचीत करवाने को लेकर लिखित आश्वासन भी दिया प्रदेश अध्यक्ष सरदार जगजीत सिंह ने बातचीत होने तक आंदोलन को स्थगित करने का निर्णय लिया और उन्होंने कहा कि यदि बातचीत सफल नहीं होती तो दोबारा तेज गति से आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा प्रतिनिधिमंडल में राज्य कोषाध्यक्ष चेयरमैन देवेंद्र दहिया, राजेश खरब, भूपेंद्र चाहर ,बंसी लाल झोरड़, राजेश शर्मा उप महासचिव, राजेंद्र टंडन शामिल रहे।    प्रदर्शन में सभी जिलोंके प्रधान अमित छाबड़ा ,जय भगवान बडाला, सुधीर दलाल, ईशम सिंह ,गोपीचंद, जगदीश चंद्र, कुलवंत सिंह ,रविंद्र कुमार , रुपेंद्र गोयत, सुरेंद्र पाल नैन ,रामराज कादियान, दुष्यंत ठाकरान, कुलवंत, सुरेश लितानी, विनोद ठाकरान, विजय मुदगिल, यशपाल यादव, राजवीर रंगी, राजेश शर्मा मोनिका शर्मा ,मोनिका भारद्वाज, सुनील बास, बिल्लू प्रधान, रमेश सहारण, प्रमिला, बबरू भान यादव, राजकुमार कासनिया, ज्यपाल दहिया, अनिल छिकारा, विनोद राणा , उधर कुरुक्षेत्र से जिला प्रधान राजेंद्र टंडन की अगुवाई राज्य प्रेस प्रवक्ता प्रवक्ता सूबे सिंह सुजान ,महासचिव संदीप चौहान , एवं सभी खंडों के प्रधान राजेंद्र जांगड़ा नरेश फूले, सुरेश पलवल अमन पाल, देवदत्त,सुखदेव गजलाना एवं मोनिका भारद्वाज स्वीटी शर्मा के नेतृत्व में भारी संख्या में शिक्षकों ने भाग लिया।  चंडीगढ़ में मोनिका भारद्वाज ने ओजस्वी  भाषण दिया जिसमें शिक्षा विभाग की कमियों को और शिक्षकों के आक्रोश को प्रकट किया। 

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published.