समाचार निर्देश एस डी सेठी – रोडरेज मामले में पटियाला सैंट्रल जेल में बंद नवजोत सिंह सिद्दू ने जेल में दाल रोटी खाने से इंकार कर दिया है। सिद्धू ने जेल में सिर्फ सलाद और फ्रूट् खाकर पहली रात जेल में गुजारी। पटियाला जेल में सिद्धू कैदी नंबर 241383 बन गए हैं। कैदी नंबर अलाट होने के बाद उन्हें बैरक नंबर 10 में शिफ्ट किया गया है। यहां उन्हें हत्या की सजा काट रहे 8 कैदियों के साथ रखा गया है। बैरक में सिद्धू की पहली रात सीमेंट से बने थडे पर गुजरी। बता दें कि सिद्धू को सूप्रीम कोर्ट ने 34 साल पुराने 1988 के रोड रेज मामले में 1 साल बामुशक्कत कैद की सजा सुनाई है। शुक्रवार को पटियाला सेशन कोर्ट में सरेंडर के बाद पहले सिद्धू का मेडिकल कराया गया। इसके बाद उन्हें पटियाला सेंट्रल जेल भेज दिया गया। जानकारी के मुताबिक सिद्धू को शुक्रवार रात सवा सात बजे जेल मैनुअल के हिसाब से दाल रोटी दी गई। हालांकि उन्होंने सेहत का हवाला देते हुए इसे खाने से इन्कार कर दिया। सिद्धू ने गेंहूं से एलर्जी के चलते स्पेशल डाईट की मांग की। सिद्ध कोको 1 कुर्स टेबल, एक अलमारी पगडीएक कंबल, एक बेड, 3 अंडरवीयर, और बनियान, 2 तौलिये, 1 मच्छर दानी, 1 कापी पेन, जूतों की जोडी, 2 बेड शीट, 2 तकिये, 4 कुर्ते पायजामें दिये गये हैं। सिद्धू को कैदियों वाले सफेद कपडे ही पहनने होंगें। उल्लेखनीय है कि 27 दिसंबर 1988 को नवजोत सिंह सिद्धू को अपने दोस्त रूपिंदर सिंह संधू के साथ पटियाला के शेरेवाला गेट मार्केट गये थे। वहां 65 साल के बुजुर्ग गुरनाम सिंह से पार्किंग को लेकर कहासचनी हो गई। सिद्धू ने घटना मारकर गुरनाम को गिरा दिया। अस्पताल ले जाने पर गुरनाम की मौत हो गई। ये केस निचली अदालत से उपरी अदालतों में चला। बरी हुए। 1000रूपये का जुर्मान ततक लगा। बाद में पुनर्विचार याचिका में सुप्रीम कोर्ट ने एक साल की सजा सुनाई। 

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