• सुपर शक्ति कंपनी कर रही है ग्राहकों के साथ भारी धोखाधड़ी : प्रवीण कुमार
रोहतक – प्राईवेट कंपनियां किस तरह से अपने घटिया उत्पादों के जरिए आम व्यक्ति के जीवन के साथ खिलवाड़ करती हैं। सूपर शक्ति इस्पात कंपनी द्वारा घटिया व अंडर वेट सरिया बेचे जाने के आरोप आज सोनीपत रोड स्थित एक निजी होटल में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए प्रवीण कुमार ने लगाये। प्रवीण कुमार ने कहा कि सुपर शक्ति कंपनी उच्च गुणवत्ता का सरिया बताकर घटिया किस्म का सरिया मार्किट में बेच रही है। इस कंपनी के झूठे दावों का शिकार होते हुए उन्होंने इस कंपनी का सरिया अपना घर बनाने के लिए खरीद लिया। लेकिन उस सरिया में ऐसी कमी मिली जो आज तक किसी सरिया में देखी ही नहीं गई। सरिया में स्ट्रेंथ नाम की कोई चीज नहीं थी तथा वह बीच-बीच से टूट रहा था। जब इस बारे में सरिया को सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त श्री राम इंडस्ट्रीयल लैब में सैंपल भेजकर चैक करवाया। लैब की रिर्पोट में आया कि यह सरिया कैमिकल व फिजिकल रूप से फेल है। जब इस पर और अध्ययन किया तो पाया कि इस कंपनी का सरिया और भी बहुत से भवन निर्माण की जगहों पर भी रिजेक्ट किया जा चुका है। प्रवीण कुमार ने कहा कि सुपर शक्ति सरिया सिरसा, बल्लभगढ़, गुरूग्राम, झज्जर आदि जिलों में भी फेल हो चुका है। जब लैब में जांच करने वालों से इस बारे में बात की गई तो उन्होंने बताया कि इस सरिया के केमिकल में सल्फर व फास्फोरस की मात्रा बहुत ज्यादा है। ये दोनों केमिकल लोहे के लिए जहर का काम करते हैं तथा इनकी अधिक मात्रा से यह सरिया पूरी तरह से अनुपयोगी हो जाता है तथा इसका जीवन भी मात्र 5-10 साल ही रहता है। कंपनी अपने पंपलेट पर इस सरिया को प्राईमरी स्टील से बना हुआ बताती है जबकि हकीकत के लिए जब पता किया तो पाया कि सुपर शक्ति कंपनी पश्चिम बंगाल में स्थित है तथा यह प्राईमरी स्टील प्रोड्यूसर कंपनी है ही नहीं। यह कंपनी स्क्रैप से बने हुए लोहे को गलाकर नया सरिया बनाती है। जिससे इसकी स्ट्रेन्थ बहुत कम हो जाती है तथा यह भवन निर्माण के लिए अनुपयोगी है क्योंकि इससे भवन कभी भी गिर सकता है तथा बड़ा हादसा हो सकता है।
उन्होंने कहा कि यह आम जनता के साथ बहुत बड़ा धोखा है। कंपनी आम ग्राहक से इस घटिया सरिया के 15-20 रूपये ज्यादा वसूलती है ताकि जनता भ्रम में आ जाये। आम लोगों के साथ कंपनी सरेआम धोखाधड़ी करके करोडों रूपयों का सरिया प्रतिमाह प्रदेश में बेच रही है। यह सरिया किसी भवन में लगाने योग्य है ही नहीं। लैब की रिर्पोट में इस सरिया को ट्रेंनसाईल स्ट्रेन्थ, यिल्ड स्ट्रेनथ, फास्फोरस आदि कैमिकल में पूरी तरह से फेल पाया गया है। वहीं कंपनी इसके डायमीटर में भी भारी गड़बड़ कर रही है। 12 एमएम का सरिया 11 एमएम का निकलता है तथा 8 एमएम का सरिया 7 एमएम का मिल रहा है। जिससे कंपनी द्वारा किये जा रहे घोटाले को आम जनता के समक्ष लाकर इस मामले की जांच करवाना उनका लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि जब इस बारे में सरिया बेचने वाले दुकानदार से सम्पर्क किया तो उन्होंने कोई भी कार्यवाही करने से मना कर दिया। जिसके लिए इसकी शिकायत सीएम विंडो पर की गई है। पत्रकार वार्ता के दौरान अमित कुमार व राजेश नैन भी उनके साथ मौजूद रहे।

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